बहादुर लाल वो

बहादुर लाल वो

11 जनवरी लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर शत शत नमन।

विधा -मनहरण घनाक्षरी

लाडला बेटा था नन्हे
हटा पिता का साया तो,
तैरकर शाला जावे,
बहादुर लाल वो।

ललिता के नाथ बने,
रेलमंत्री माँ को कहें,
नौकरी है रेलवे की,
पार सीमा काल वो

मेहनत ही प्रार्थना,
मानता था कर्म पूजा,
पीर ग़रीबों की मिटा,
नेता था कमाल वो।

देश का प्रेरणा पुंज
दिलाता व्रत संकल्प,
अन्न बचा जन जन,
निपटे अकाल वो।

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About विभा भटोरे 9 Articles
श्रीमती विभा भटोरे, इंदौर स्नातकोत्तर -कार्बनिक रसायन शास्त्र (बी एड) अध्यन अध्यापन में विशेष रुचि। साहित्य सृजन का शौक है, निमाड़ी बोली संस्कृति और संस्कार के संरक्षण हेतु प्रयासरत।साझा संकलन शब्द समिधा प्रकाशित।
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मुकेश बर्वे
मुकेश बर्वे
1 year ago

बहुत शानदार