सूर्यनारायण हुए उत्तरायण

सूर्यनारायण हुए उत्तरायण
चले धनु से मकर राशि, जग में बढ़ा प्रकाश
आओ मनाएँ पर्व संक्रांति।

गंगा चली भगीरथ के पीछे समा गई थी आज सागर में,
करके गंगास्नान पुण्यदायी, आओ मनाएँ पर्व संक्रांति।

सूर्यनारायण मिले पुत्र शनि देव ,
बढाते धन धान्य समृद्धि,
दान करें तिल खिचड़ी
पाएँ पुण्य फलदायी , आओ मनाएँ
पर्व संक्रांति।

बढ़ते दिन तिल तिल ,
हुई रातें अब छोटी,
बढी जग में सकारात्मकता आओ मनाएँ पर्व संक्रांति।

आहट है बसंत की,
सुहागिनें मंगल गान गाएँ,
बाँट सुहाग चिन्ह हल्दी कुम कुम और चूड़ियाँ ,
सुख वैभव सौभाग्य हम पाएँ ,
आओ मनाएँ
पर्व संक्रांति

Photo by Federico Respini on Unsplash

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About विभा भटोरे 9 Articles
श्रीमती विभा भटोरे, इंदौर स्नातकोत्तर -कार्बनिक रसायन शास्त्र (बी एड) अध्यन अध्यापन में विशेष रुचि। साहित्य सृजन का शौक है, निमाड़ी बोली संस्कृति और संस्कार के संरक्षण हेतु प्रयासरत।साझा संकलन शब्द समिधा प्रकाशित।
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Rashmi sharma
Rashmi sharma
10 months ago

सारगर्भित कविता l