हिन्दी वतन की शान

क्यों मनाते हैं हिंदी दिवस

हिन्दी भारत की मातृ भाषा हिन्दी वतन की शान
आओ सब मिलकर बढ़ाएं हिन्दी भाषा का मान

अपनेपन की बोली हर हिंदुस्तानी अपनाएं
देश की धरोहर संस्कृति हिन्दी से हिंदुस्तान है

कविता रचना कहानियां हिन्दी में लिखी जाती
शब्दों की यह माला हर दिल में समा जाती

अपनेपन की बोली हिन्दी अपनों का मान बढ़ाती
संप्रदाय अलग हो संगठन का एहसास कराती

हिन्दी वतन की शान भारतीय का अभिमान बने
संस्कृत से हो संस्कृति और हिन्दी से हिंदुस्तान बने

हिन्दी भाषा अपनाएं एक अलाग जगाए
वतन की भाषा हिन्दी हो सम्मान से बोली जाए

सरल भाषा है हिन्दी हर दिल में जगह बनाती
अपनों का एहसास और सम्मान कराती

अंग्रेजी भाषा बोल हम अपना वजूद खोते जाते
हिन्दी भाषा बोल अपने वजूद का एहसास कराते

अपनाएं हिन्दी भाषा यह हमारे देश की शान बने
आओ सब मिलकर बोले हिन्दी का मान बडे़

अपनेपन की बोली हिन्दी अपनों का मान बढ़ाती
संप्रदाय अलग हो संगठन का एहसास कराती

हिन्दी वतन की शान भारतीय का अभिमान बने
संस्कृत से हो संस्कृति और हिन्दी से हिंदुस्तान बने

हिन्दी भाषा अपनाएं एक अलाग जगाए
वतन की भाषा हिन्दी हो सम्मान से बोली जाए

सरल भाषा है हिन्दी हर दिल में जगह बनाती
अपनों का एहसास और सम्मान कराती

अंग्रेजी भाषा बोल हम अपना वजूद खोते जाते
हिन्दी भाषा बोल अपने वजूद का एहसास कराते

अपनाएं हिन्दी भाषा यह हमारे देश की शान बने
वजूद हिन्द का हिन्दी भाषा हमारा अभिमान बने

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Image by Harish Sharma from Pixabay

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About सरिता अजय साकल्ले 28 Articles
श्रीमती सरिता अजय जी साकल्ले इंदौर मध्य प्रदेश
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