tiranga

तिरंगा देश की शान बढ़ाये

मेरा लहर लहर लहराएतिरंगा लहर लहर लहराएये अनुपम शोभा बढ़ाएतिरंगा देश की शान बढ़ाएहरा रंग है हरियाली काहार नहीं ये मानेदुत्कार नहीं ना तानेये हर […]

गणतंत्र दिवस

आज देश की मिट्टी का तिलककिया जाएहर घर तिरंगा लिए गणतंत्र दिवसमनाया जाएकितने वीरों के बलिदानों के बाद यहघड़ी आई हैसंविधान अपना बने कुर्बानियां देकरजन्नत […]

तिरंगा

तिरंगा

26 जनवरी आ गई । सुबह से ही सड़कों पर चहल पहल दिखाई दे रही थी। किला मैदान में परेड, झंडा वंदन , हर प्रांत […]

ऊर्जा का पर्व मकर संक्रांति

हमारी भारतीय संस्कृति में पर्वो का वैज्ञानिक दृष्टि से बहुत महत्व है | उनमे मकर संक्रांति हिन्दुओं का मुख्य पर्व है | वैसे भारत वर्ष […]

मकर संक्रांति – सूर्योपासना का महापर्व

13 जनवरी, 2021 प्रभा शुक्ला 1

मकर संक्रांति हम हिन्दूओं का प्रमुख त्यौहार है।ये पूरे देश में बहुत ही जोश और उल्लास से मनाया जाता है।यह सूर्यदेवता की पूजा, आराधना उपासना […]

welcome

स्वागतम नव-वर्ष

12 जनवरी, 2021 प्रभा शुक्ला 1

तुम्हारा स्वागतम तुम दशक तीसरे का हो पहला कदम।स्वागतम नववर्ष तुम्हारास्वागतम।स्वागतम नववर्ष…. उम्मीदों के लग गये तोरण यहाँ, झालरें आशाओं की है सज गई। स्वागतम […]

स्वान्तः सुखाय

आँखों के संमदर में सुनहराअतीत डूब गयासाथ ही खो गएअनमोल रत्न –गिलहरी-सा बचपनमाँ का आँचलबाबूल का लाड़बहन का प्यारभाई का दुलारखो गई सखियाँ सारीसूने हो […]

mahabharat

मैं गांधारी नहीं

मैं रचनाकार हूँमैं इस काल कीवह उत्पत्ति , फसादी , घुसपैठतत्व हूँजो देखती हूँवहीं लिखने की ताकत रखती हूँमैं श्वेत रूई की पौनी हूँजल-जल उजियारा […]

समझौता

इस बीच एक कोने में कुर्सी पर गुड्डी गुमसुम सी बैठी थी, लग नहीं रहा था की यही दुल्हन है और दो दिन बाद इस […]

first attempt

प्रथम प्रयास

असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो,जब तक ना सफल हो, नींद चैन से त्यागो तुम।संघर्ष का मैदान […]

बहादुर लाल वो

6 जनवरी, 2021 विभा भटोरे 1

11 जनवरी लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर शत शत नमन। विधा -मनहरण घनाक्षरी लाडला बेटा था नन्हेहटा पिता का साया तो,तैरकर शाला जावे,बहादुर […]

निकम्मा

एक दिन पिता की तबीयत कुछ ज्यादा ही खराब लग रही थी। तब राजू को लेकर मां उसके पिता को डॉक्टर को दिखाने के लिए […]

वक्त

वक्त का पहिया सदियों से घूमता जा रहाठहरता ही नहीं चक्र चलता जा रहा थम गया तो प्रलय आ जाएगा इंसान काजहां से नामो निशान […]

सूरज दादा

6 जनवरी, 2021 प्रभा शुक्ला 0

कोजागिरी का दिन आया।गहमा-गहमी लगी हुई थी।।सभी शाम की बाट जोहते।नर-नारी सब चहक रहे थे।।सूरज दादा समझ ना पाये।किसकी राह निहार रहे सब।।मेरे सिवा भी […]

new year

नव वर्ष

6 जनवरी, 2021 ममता कानुनगो 0

नवीन वर्ष का नव प्रभात आज छा रहा,आशाओं का प्रकाश फिर धरा पर बिखरा रहा,उत्साह है, उमंग है आनंद की तरंग है,स्वतंत्र राग फिर नया […]

नयी सुबह

स्वप्न सा लगता है मुझको,वो अच्छे दिनों का आना।खोलते ही रीत जाता है,खुशियों का हर खजाना।विपत्तियाँ मुँह बाये खड़ी है,जीवंतता अब एक कसौटी है।तलवार की […]

बदलाव

6 जनवरी, 2021 शांता गीते 0

वर्ष बदल गया , कैलेंडर बदल गया लेकिन क्या नहीं बदला? देखिए मेरी कविता “बदलाव” में कैलेंडर बदल जाता है दीवार वही रहती है साल […]

memory

स्मृति-बिंब

6 जनवरी, 2021 सुधा केशरे 0

घर की सफ़ाई करते हुए सोचने लगी, अरे ये क्या? इस घर की धूल भी मुझसे कितना प्यार करती है।रोज रोज मेरे द्वारा झाड़ने के […]

क्षितिज तक

6 जनवरी, 2021 जागृति डोंगरे 2

नन्ही सी वह बिन मां की बच्ची जब दूसरे बच्चों को अपनी, अपनी मां के साथ लाड़-प्यार और हट करते देखती तो, सोचती कि मेरी […]

बेटियां

6 जनवरी, 2021 जागृति डोंगरे 2

ईश्वर प्रदत्त अनुपम उपहारहै बेटियां।माता-पिता के दिल का अरमानहै बेटियां।घर-आंगन की रौनक बढ़ातीहै बेटियां।मां का साया, पिता का दुलारहै बेटियां।हरसिंगार सी घर-आंगन महकातीहै बेटियां।दर्द सहती […]

आईना

6 जनवरी, 2021 जागृति डोंगरे 1

आज सोचा उससे कुछ बातेंकर लूं खासमैं गई उसके पासउस पर जमीं धूल की गर्तकरने लगी साफपरत हटते ही वह मुस्कायाकितने दशक बाद मैं याद […]

ganges

निर्झरणी

4 जनवरी, 2021 जागृति डोंगरे 1

उतुंग पर्वत शिखरों से हो प्रस्फुटितउज्जवल जल धार बनकर धरा पर आती हैबूंद,बूंद कर संग्रहित निर्झरणी वो बन जाती है । कहीं उन्मुक्त नव यौवना […]

कर्तव्य

4 जनवरी, 2021 सुषमा चौरे 0

कोरोना जैसी भयावह बीमारी के आगे तो बड़े बड़े देशों ने घुटने टेक दिए और भारत की लडाई तो अभी चल ही रही है। बीमारी […]

जिद एक बेटी की

4 जनवरी, 2021 सुषमा चौरे 0

एक छोटी सी बच्ची थी,जिद करती थी खिलौने की, जिद्द थी नई किताब की।जिद कभी जूते चप्पल की,जिद थी नए कपड़ों की।जिद कभी हलवे की, […]

शिशिर ऋतु

शिशिर ऋतुजब आई,प्रकृति की छटा निराली। पत्तों पर शबनम की बूंदे,मैदानों में धुन्ध है छाई। गिरी परहै हिम की चादर,थम गया नदियों का पानी | […]

mandala

आत्म मंथन

अहं स्वयं का टूटने दोअंतर्रुदन फूटने दोआप ही तब होगा रचितमहाकाव्य उद्घाटित। जीवन की सारी आशाएंटूटे तो टूटने दोऔर मन के कोध काश्वास घुटे तो […]

प्यार की खुशबू

3 जनवरी, 2021 विभा भटोरे 0

छलका है मन उल्लसित,प्रफुल्लित जीवन है बहता,बढ़ते रहें कल कल नदी से,देना सीखें हम नदी से-आओ बिखेरें प्यार की खुशबू। छोड़ के तेरा और मेरा,क्षणिक […]

indian bride

बिटिया चली ससुराल

3 जनवरी, 2021 पूजा करे 0

हमें रोता छोडकर देखो, बिटिया चली ससुराल ।क्षण मे गुजर गये ये साल ,बिटिया चली ससुराल । हृदय से तुझे दूँ कैसे निकाल ,बिटिया चली […]

2020

सन् 2020 –2021 तेरे स्वागत में हमनें बाहें फैलाई मेहमान ही रहा तू अपना ना बना तू गिना जाता है सम संख्या में पर कितनों […]