तिरंगा देश की शान बढ़ाये

तिरंगा देश की शान बढ़ाये

मेरा लहर लहर लहराएतिरंगा लहर लहर लहराएये अनुपम शोभा बढ़ाएतिरंगा देश की शान बढ़ाएहरा रंग है हरियाली काहार नहीं ये मानेदुत्कार नहीं ना तानेये हर […]

गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस

आज देश की मिट्टी का तिलककिया जाएहर घर तिरंगा लिए गणतंत्र दिवसमनाया जाएकितने वीरों के बलिदानों के बाद यहघड़ी आई हैसंविधान अपना बने कुर्बानियां देकरजन्नत […]

ऊर्जा का पर्व मकर संक्रांति

हमारी भारतीय संस्कृति में पर्वो का वैज्ञानिक दृष्टि से बहुत महत्व है | उनमे मकर संक्रांति हिन्दुओं का मुख्य पर्व है | वैसे भारत वर्ष […]

मकर संक्रांति

मकर संक्रांति – सूर्योपासना का महापर्व

13 जनवरी, 2021 प्रभा शुक्ला 1

मकर संक्रांति हम हिन्दूओं का प्रमुख त्यौहार है।ये पूरे देश में बहुत ही जोश और उल्लास से मनाया जाता है। यह सूर्यदेवता की पूजा, आराधना […]

welcome

स्वागतम नव-वर्ष

12 जनवरी, 2021 प्रभा शुक्ला 1

तुम्हारा स्वागतम तुम दशक तीसरे का हो पहला कदम।स्वागतम नववर्ष तुम्हारास्वागतम।स्वागतम नववर्ष…. उम्मीदों के लग गये तोरण यहाँ, झालरें आशाओं की है सज गई। स्वागतम […]

स्वान्तः सुखाय

आँखों के संमदर में सुनहराअतीत डूब गयासाथ ही खो गएअनमोल रत्न –गिलहरी-सा बचपनमाँ का आँचलबाबूल का लाड़बहन का प्यारभाई का दुलारखो गई सखियाँ सारीसूने हो […]

समझौता

भव्य सरकारी बंगला मेहमानों से भरा था… छोटे फूफाजी एक्टिवा की चाबी मांग रहे थे| उन्हें अपने पुराने मित्रों को गुड्डी के शादी का निमंत्रण […]

first attempt

प्रथम प्रयास

असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो,जब तक ना सफल हो, नींद चैन से त्यागो तुम।संघर्ष का मैदान […]

मां का बंटवारा – लघु नाटिका

पात्र परिचय बड़े भाई: रमेश, छोटा भाई: सुरेश, मझला: उमेश बहुएं: बड़ी अर्चना, अमिता , अंजलि बहन: राधिका अविवाहित दृश्य: रमेश और उसकी पत्नी अर्चना […]

बहादुर लाल वो

बहादुर लाल वो

6 जनवरी, 2021 विभा भटोरे 1

11 जनवरी लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर शत शत नमन। विधा -मनहरण घनाक्षरी लाडला बेटा था नन्हेहटा पिता का साया तो,तैरकर शाला जावे,बहादुर […]

निकम्मा राजू

निकम्मा

राजू का बचपन से ही पढ़ाई में मन नहीं लगता था। घर में जब भी पढ़ने की बात चलती, एकदम चुप बैठ जाता। डांट पड़ने […]

वक्त

वक्त का पहिया सदियों से घूमता जा रहाठहरता ही नहीं चक्र चलता जा रहा थम गया तो प्रलय आ जाएगा इंसान काजहां से नामो निशान […]

सूरज दादा

6 जनवरी, 2021 प्रभा शुक्ला 0

कोजागिरी का दिन आया।गहमा-गहमी लगी हुई थी।। सभी शाम की बाट जोहते।नर-नारी सब चहक रहे थे।। सूरज दादा समझ ना पाये।किसकी राह निहार रहे सब।। […]

नव वर्ष

नव वर्ष

6 जनवरी, 2021 ममता कानुनगो 0

नवीन वर्ष का नव प्रभात आज छा रहा,आशाओं का प्रकाश फिर धरा पर बिखरा रहा,उत्साह है, उमंग है आनंद की तरंग है,स्वतंत्र राग फिर नया […]

नयी सुबह

नयी सुबह

स्वप्न सा लगता है मुझको,वो अच्छे दिनों का आना। खोलते ही रीत जाता है,खुशियों का हर खजाना। विपत्तियाँ मुँह बाये खड़ी है,जीवंतता अब एक कसौटी […]

बदलाव

बदलाव

6 जनवरी, 2021 शांता गीते 0

वर्ष बदल गया , कैलेंडर बदल गया लेकिन क्या नहीं बदला? देखिए मेरी कविता “बदलाव” में कैलेंडर बदल जाता है दीवार वही रहती है साल […]

स्मृति बिंब

स्मृति-बिंब

6 जनवरी, 2021 सुधा केशरे 0

घर की सफ़ाई करते हुए सोचने लगी, अरे ये क्या? इस घर की धूल भी मुझसे कितना प्यार करती है।रोज रोज मेरे द्वारा झाड़ने के […]

क्षितिज तक

6 जनवरी, 2021 जागृति डोंगरे 2

नन्ही सी वह बिन मां की बच्ची जब दूसरे बच्चों को अपनी, अपनी मां के साथ लाड़-प्यार और हट करते देखती तो, सोचती कि मेरी […]

बेटियां

6 जनवरी, 2021 जागृति डोंगरे 2

ईश्वर प्रदत्त अनुपम उपहारहै बेटियां।माता-पिता के दिल का अरमानहै बेटियां।घर-आंगन की रौनक बढ़ातीहै बेटियां।मां का साया, पिता का दुलारहै बेटियां।हरसिंगार सी घर-आंगन महकातीहै बेटियां।दर्द सहती […]

आईना

6 जनवरी, 2021 जागृति डोंगरे 1

आज सोचा उससे कुछ बातेंकर लूं खासमैं गई उसके पासउस पर जमीं धूल की गर्तकरने लगी साफपरत हटते ही वह मुस्कायाकितने दशक बाद मैं याद […]

ganges

निर्झरणी

4 जनवरी, 2021 जागृति डोंगरे 1

उतुंग पर्वत शिखरों से हो प्रस्फुटितउज्जवल जल धार बनकर धरा पर आती हैबूंद,बूंद कर संग्रहित निर्झरणी वो बन जाती है । कहीं उन्मुक्त नव यौवना […]

कर्तव्य

4 जनवरी, 2021 सुषमा चौरे 0

ज्योति ने घर के अंदर कदम रखा, अपना बैग बाहर के टेबल पर पटक कर सीधे बाथरूम में घुस गई। नहाकर बाहर आई तो किचेन […]

जिद एक बेटी की

4 जनवरी, 2021 सुषमा चौरे 0

एक छोटी सी बच्ची थी,जिद करती थी खिलौने की, जिद्द थी नई किताब की।जिद कभी जूते चप्पल की,जिद थी नए कपड़ों की।जिद कभी हलवे की, […]

शिशिर ऋतु

शिशिर ऋतु

शिशिर ऋतु जब आई,प्रकृति की छटा निराली। पत्तों पर शबनम की बूंदे,मैदानों में धुन्ध है छाई। गिरी पर है हिम की चादर,थम गया नदियों का […]

mandala

आत्म मंथन

अहं स्वयं का टूटने दोअंतर्रुदन फूटने दोआप ही तब होगा रचितमहाकाव्य उद्घाटित। जीवन की सारी आशाएंटूटे तो टूटने दोऔर मन के कोध काश्वास घुटे तो […]

प्यार की खुशबू

3 जनवरी, 2021 विभा भटोरे 0

छलका है मन उल्लसित,प्रफुल्लित जीवन है बहता,बढ़ते रहें कल कल नदी से,देना सीखें हम नदी से-आओ बिखेरें प्यार की खुशबू। छोड़ के तेरा और मेरा,क्षणिक […]

indian bride

बिटिया चली ससुराल

3 जनवरी, 2021 पूजा करे 0

हमें रोता छोडकर देखो, बिटिया चली ससुराल ।क्षण मे गुजर गये ये साल ,बिटिया चली ससुराल । हृदय से तुझे दूँ कैसे निकाल ,बिटिया चली […]

2020

सन् 2020 –2021 तेरे स्वागत में हमनें बाहें फैलाई मेहमान ही रहा तू अपना ना बना तू गिना जाता है सम संख्या में पर कितनों […]