जीते जाना

क्षणों को जीते जाना

21 मई, 2021 माया कौल 0

शीर्षक : क्षणों को जीते जाना उम्र को सहते जाना,क्षणों को जीते जाना,लो माला गूंथ ली,,,और वक्त सरक गया, दीनता और हीनता,,गुनगुनाते मच्छरों की भांतिहर […]

रिश्ते

निर्णय

शीर्षक: रिश्ते आज सुबह से ही शुभि के मन में भावनाओं का गुबार रह रहकर उमड़-घुमड़ रहा था। मुझे समझ क्या रखा है उसने ? […]

स्वाभिमान

ना बेचो अपने स्वाभिमान को

शीर्षक : स्वाभिमान ना बेचो अपने स्वाभिमान कोभरो उड़ान अपने आसमान कोइसकी उसकी बातों परमत कान दोतुम डटें रहोअपने इम्तिहान को फूल कांटे आएंगे हजारबढ़ते […]

जय नर्मदा माई

माई नर्मदा

शीर्षक : जय नर्मदा माई हो सदा तिहारी जय जय जयकारमैकल सुता तुम कलकल बहती धारमाई नर्मदा शिवसुता तुम देव ऋषिमुनि गणसब घाटों पर तिहारे […]

जिंदगी ऐसे चल रही

जिंदगी

जिंदगी ऐसे चल रही जैसे शमाजल रहीऔरों को रोशनी दे खुद पिघलरहीजिंदगी के उतार-चढ़ाव से बुझते बुझतेजल रहीकहीं रोशनी कहीं अंधेरा मंजिल की राहों सेगुजर […]

हनुमान

वीर हनुमान

महाबली हनुमान,तात तोरे पवमान।अंजना के लाल प्रभुजग में पुजाएँ हैं। रविकर मुख धारेअसुर लाखों संहारेभगत वत्सल प्रभुराम को नमाएँ हैं। सिंधु सात लांघ करसीताजी की […]

प्रार्थना

प्रार्थना

हो भोर तुम्हीं और साँझ तुम्हींनभ भी तुम ,पाताल तुम्हीं,है धरा तुम्हारी, व्याप्त रहोतुम मार्ग मेरा प्रशस्त करो !!शीत हरो, सब ताप हरो ,मन के […]

जिंदगी का सफर

सफर

कितनी मन्नत और जतन के बाद भगवान ने बच्चे का मुँह दिखाया। कितनी ग़रीबी से बड़ा किया अब बेटा बैंक ऑफिसर है। बहु पोते सब […]

नारी ही नारायणी

नारी ही नारायणी

नारी ही नारायणीजन्म देने वाली जननीकहीं भी तेरा न होअपमानचाहे न मिले सम्मान रोज भले ही पूजाकरें न कोईपर न हो तुझ परअत्याचारमिले न समान […]

जीवन

जीवन

विफल मन शापित जीवनक्या पूर्ण कर पायेगा किसी का रिक्त पन। बोझ हुआ जाता जीवनसंवरण करता गया वरण। ना थमा दौर सुमधुर स्मृति काना मुक्ति […]

नारी

अस्मिता

नारी अस्मिता नारी अस्मिताआज प्रश्न बन गई।मातृ देवो भवसंस्कृति धूमिल पड़ गई।गाली दी जाती है तोऔरत के नाम पर।सदा डराई जातीइज़्ज़त के नाम पर।मजबूर की […]

सीताराम

“राम”

शीर्षक : सीताराम “राम” वह जो आराम दें, आराम से तात्पर्य है–राहत-शांति-सुकून। “राम”— वह जो शीतलता प्रदान करें राम शब्द के उच्चारण मात्र से हमारे […]

श्रृंगार

मनहरण घनाक्षरी – श्रृंगार

विषय: श्रृंगारविधा: मनहरण घनाक्षरी कनक सी कांति युक्त,रूप यौवनी संयुक्त,पोर पोर प्रेम सूक्त,कामिनी रिझाती है। अलक है मेघ माल,अधर रंगे हो लाल,भाल ज्यों कुमुद ताल,देह […]

नारी का वजूद

वजूद

एक जिंदगी में, कई किरदार निभा जाती हैं,मगर दुनिया की भीड़ में क्यों बेबस नज़र आती हैं बेटी से माँ तक का सफ़र बखूबी निभाती […]

जल ही जीवन

जल ही जीवन है

प्रकृति प्रदत्त संसाधनों में जल एक अमृत तुल्य स्त्रोत हैं। कोई भी मनुष्य, पशु-पक्षी, जीव-जन्तु, पेड़-पौधें आदि को जीवित रहने के लिए जल परम आवश्यक […]

व्यक्तित्व

व्यक्तित्व

व्यक्तित्व की वाणी निर्मित हो ऐसी,छू ले अंतर्मन, छाप छोड़े जीवन भर।बन जाओ चंदन के जैसे,जिस पर लिपटे रहते भुजंग।विष से भरा विषधर,ललायित पाने को […]

तूफान

तूफान का अंदेशा

14 मई, 2021 नीरज बवेँ 0

शीर्षक: तूफान का अंदेशा हवाओं में कुछ हलचल है, थोड़े समझदार हो जाइए!!तूफान आने का अंदेशा है, थोड़े खबरदार हो जाइए!! बुझ ना जाए बेवक्त […]

सुंदर

कविता

कोमल भावनाओं की सुंदरअभिव्यक्ति है ……. कविताकवि के ह्रदय की सुंदरपरिकल्पना है …… कविताभावों को शब्दों के धागे मेंपिरोयी माला है …… कवितानव रसों से […]