सीताराम

“राम”

शीर्षक : सीताराम “राम” वह जो आराम दें, आराम से तात्पर्य है–राहत-शांति-सुकून। “राम”— वह जो शीतलता प्रदान करें राम शब्द के उच्चारण मात्र से हमारे […]

मेरा बसन्त

सखी वसंत ऋतु आई

25 फ़रवरी, 2021 शांता गीते 0

सखी वसंत ऋतु आईजग मऽ खुशहाल छाईमन भावना ऋतु आईसखी मन मऽ उमंग भरी लाईसखी वसंत ऋतु आईमोर नाच्या, कोयल कूकीभवंरा न ताने सुणाईऋतुराज का […]

बदलाव

6 जनवरी, 2021 शांता गीते 0

वर्ष बदल गया , कैलेंडर बदल गया लेकिन क्या नहीं बदला? देखिए मेरी कविता “बदलाव” में कैलेंडर बदल जाता है दीवार वही रहती है साल […]