प्रार्थना

प्रार्थना

हो भोर तुम्हीं और साँझ तुम्हींनभ भी तुम ,पाताल तुम्हीं,है धरा तुम्हारी, व्याप्त रहोतुम मार्ग मेरा प्रशस्त करो !!शीत हरो, सब ताप हरो ,मन के […]

मर्यादा

22 फ़रवरी, 2021 वीणा मंडलोई 0

जीजी क्यों ,झेल रही हो ,इतने सालों से ?तुम्हें गुस्सा नहीं आता ?नई बहू ,,खीझ रही थी अपनी जेठानी पर ।गुस्से और ,घिन से उबल […]

शगुन

सवाया

9 फ़रवरी, 2021 वीणा मंडलोई 1

तनु ने निमंत्रण पत्रिका माँ-बाबूजी को दी और पैर छुए ।बेटी की शादी में आने की मनुहार की।माँ बाबूजी दोनों गदगद हो रहे थे, नातिन […]

भँवरा

मोक्ष

9 फ़रवरी, 2021 वीणा मंडलोई 0

आँखें खोलते ही ,नन्हा भँवराऊपर देखता है ,एक रोशनी उसे बुलाती हैवो उड़ान भरता है ,ज्यादा ऊँची नही ,,बस थोड़ा ही ऊपर ,खुश हो नीचे […]

स्वर्ग नरक

25 दिसम्बर, 2020 वीणा मंडलोई 1

सही गलत के शोर में मन जो लिया उलझाय ,कैसे हरि को पाएगा , गुरू बिन कौन बताय ।। स्वरग नरक तो यहीं धरे,, क्यूँ […]