डेढ़ टिकट

डेढ़ टिकट

लघुकथा शीर्षक: डेढ़ टिकट महानगर के उस अंतिम बस स्टॉप पर जैसे ही कंडक्टर ने बस रोक दरवाज़ा खोला, नीचे खड़े एक देहाती बुजुर्ग ने […]

अपने भगवान

अपने-अपने भगवान

2 अगस्त, 2021 रश्मि स्थापक 1

शीर्षक: अपने अपने भगवान अंग्रेजी भाषा के शिक्षक दुबे जी का एक बड़ा सपना था कि रिटायरमेंट के बाद दोनों बहनों के परिवार के साथ […]

कूकर सीटी

कूकर की सीटी

2 अगस्त, 2021 पूनम झा 0

शीर्षक : कूकर की सीटी “दादी ! आज आप बहुत गुस्से में हैं ?” आठ साल का चिंटू दादी का मुँह देखते-देखते कह रहा था […]

कण कण की कीमत

अन्न ब्रम्ह

2 अगस्त, 2021 विभा भटोरे 0

मुनिया हैरान है ! मॉं और नानी गेहूँ छान रही हैं, साफ करने के बाद पिसवाएंगे। उन्होंने थैला भर दिया, नानाजी बिखरे कुछ दाने बीन […]

दादी की कहावत

दादी की कहावत

1 अगस्त, 2021 रश्मि मोयदे 0

शीर्षक-दादी की कहावत दादी हमेशा कहती थी। नक्टो चपटो बेटो कचहरी जाइ न बठ्यो।श्माम सुन्दर बेटी चूलो जाइ ख फूक्यो। दादी को अपने लाड़ले पोते […]

साहसी

बुजुर्गों की सीख

7 जुलाई, 2021 रश्मि मोयदे 0

“बिट्टू, थोड़ा ध्यान से, तेज गति से नहीं दौड़ना और सोसायटी के अंदर ही खेलना बाहर तो बिल्कुल नहीं निकलना। “गौरी, बिट्टू का पूरा ध्यान […]

भलाई का जमाना

भलाई का जमाना है

7 जुलाई, 2021 संगीता सिंह 0

महाविद्यालय के सीनियर प्रोफेसर और हम सबके आदर्श ! उनके जीवन में दो ही काम महत्वपूर्ण थे एक विद्यार्थियों की समस्याओं को सुलझाना और दूसरा […]

उड़ान

उड़ान

लघु कथा: उड़ान जब जन्म हुआ उसका तो घर के सदस्यों ने नाक भौंह सिकोड़ी , क्योंकि वह एक लड़की थी। केवल उसकी माँ थीं, […]

चरित्रहीन दहाड़ता मौन

दहाड़ता मौन

26 जून, 2021 मंजुला दुबे 0

शीर्षक: चरित्रहीन “मैडमजी आप मेरा साथ दोगे ना”? “आप तो कुछ भी नहीं बोल रहे हो मैडमजी”? छुटकी की माँ ने मानसी मैडम को बार […]

छल

छल

25 जून, 2021 किरन केशरे 0

शीर्षक : छल आज लड़के वाले रूपल को देखने आने वाले थे, पढ़ी लिखी रूपल आकर्षक नैन नक्श वाली मध्यम वर्ग की थी । लड़के […]

भूख

भूख

24 जून, 2021 सारिका जोशी 0

अम्मा …, ओ… अम्मा, अरे ! कहाँ रह गई थी तू ? मुनिया और मैं कब से रास्ता देख रहे हैं तेरा। चल ,जल्दी से […]

अमृतपान

अमृतपान

शीर्षक: अमृतपान मानसी और राज दोनों पवित्र नगरी के भ्रमण पर निकले थे। उन्हें नाव में बैठकर सामने किनारे पर जाना था। मानसी ने देखा […]

जिम्मेदारी

जिम्मेदारी

शीर्षक: जिम्मेदारी कितनी बार कहा तुमसे मेरी चीजों को व्यवस्थित रखा करो कभी भी जगह पर नही मिलती है| भनभनाते हुए भावेश ने कमरे का […]

कन्या भोजन

कन्या पूजन

नन्ही सी वैष्णवी आज अत्यंत खुश थी। नवरात्रि का अंतिम दिन , उसे कन्या भोजन करने जो जाना था। सुबह ही मम्मी ने नहला दिया, […]

लगाव

लगाव

शीर्षक: लगाव सुशीला अपने बीमार बेटे मिन्टू के साथ अस्पताल से घर आ रही थी रास्ते मे मिन्टू ने अपनी मां से उत्सुकता से पूछा- […]

रंगीली होली

रंगीली होली

सारी रात बेनीप्रसाद जी सो नही पाए , पिछले पाँच वर्षों से उनकी रातें बेचैनी में ही कटती थी| किन्तु हर होली की पहली रात […]

हाथी से दाँत

हाथी से दाँत

1 जून, 2021 ममता शर्मा 0

शीर्षक: हाथी से दाँत आज बाजार में सब्जी खरीदते समय मेरी कॉलेज की सहेली सुदर्शना मिल गई। इतने सालों के बाद एक दूसरे को देख […]

आंखें या दिल

आंखें या दिल

1 जून, 2021 शीतल जोशी 0

शीर्षक: आंखें या दिल ८ वर्षीय किशन आज बहुत खुश है, आज वो अपनी नई आंखों से अपनी नई मां को देखने वाला है। बस […]

सूक्ष्म लघुकथा भाग एक

सूक्ष्म लघु कथाएँ

1 जून, 2021 विभा भटोरे 1

शीर्षक: सूक्ष्म लघुकथा भाग एक १. सबक तीन तारीख को महरी का हिसाब करती हुई मालकिन बोली- “रामरती तूने पिछले महीने दो दिन बिना बताए […]

रिश्ते

निर्णय

शीर्षक: रिश्ते आज सुबह से ही शुभि के मन में भावनाओं का गुबार रह रहकर उमड़-घुमड़ रहा था। मुझे समझ क्या रखा है उसने ? […]

जिंदगी का सफर

सफर

कितनी मन्नत और जतन के बाद भगवान ने बच्चे का मुँह दिखाया। कितनी ग़रीबी से बड़ा किया अब बेटा बैंक ऑफिसर है। बहु पोते सब […]

राइट नम्बर

15 मार्च, 2021 संगीता सिंह 0

सुहासिनी को जब से पता चला है कि उसे साहित्य जगत का सर्वोच्च सम्मान मिलने वाला है । तब से ही वह खुशी के मारे फूली न समा रही थी आखिर दोगुनी खुशी जो मिली है एक तो उसका नाम, दूसरा उसके ‘राइट नंबर’ का नाम भी था उस सूची में था।

परिणय बंधन

परिणय बंधन

13 मार्च, 2021 डॉ. भावना बर्वे 6

रम्या ने अपने चेहरे को मास्क एवं स्कार्फ से ढक लिया था। रेलवे प्लेटफार्म पर बैठे हुए उसे लगभग दो घंटे हो चुके थे। उसकी […]

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फर्ज़

दोपहर 2 बजे थे, शीला जल्दी जल्दी टिफ़िन मे खाना रखती जा रही थी |चार साल की बेटी परी हर रोज़ माँ को इसी समय […]

पहला जन्मदिन

12 मार्च, 2021 जागृति डोंगरे 0

नीतू सुबह उठी तो बहुत खुश थी।आज ससुराल में उसका पहला जन्मदिन था। उसने भगवान के हाथ जोड़कर अपने सास-ससुर के चरण-वंदन किये और अखंड […]

शर्त

“नमस्कार भाभीजी बेटे के लिए एक बहुत अच्छा रिश्ता आया है, आप सुनेंगी तो गदगद होजाएगी।ऐसा रिश्ता किस्मत वालों को मिलता है | आपकी तो […]

असली मोल

10 मार्च, 2021 सुषमा शर्मा 1

कावेरी ने अपने सिर पर भारी सा टोकना उठाया, जिसमें मट्टी के कुल्हड़,सकोरे दीपक और छोटी सुराही आदि थे…लेकर निकल चल पड़ीं थी अपनी ग्राहकी […]

मास्क

अभी १० माह पूर्व शर्मा जी रिटायर हुए| खुश थे, अब हाय-तौबा की जिंदगी से छुटकारा मिला है| निश्चिंत होकर जीवन का आनंद लेंगे, दोस्तों […]

पूर्वजों का ऋण

8 मार्च, 2021 सुषमा चौरे 0

आशा अपनी दोनो बेटियों के खेल रही थी। तभी शर्मा आंटी आई और तिरछी मुस्कान के साथ बोली “खूब मस्ती हो रही है बेटियों के […]

ममत्व

अरे! सीमा आप। बहुत दिनों बाद आना हुआ। क्या बात है आज आपके चेहरे पर चमक दिखाई दे रही है। सीमा ने मेरे हाथ में […]

विभूति

विभूति

घर पर कंप्यूटर के सामने बैठा विभूति ऑनलाइन फॉर्म भर रहा था तभी जोर से बोला… “मम्मी देखो फिर वही प्रॉब्लम आजकल सब ऑनलाइन हो […]

मर्यादा

22 फ़रवरी, 2021 वीणा मंडलोई 0

जीजी क्यों ,झेल रही हो ,इतने सालों से ?तुम्हें गुस्सा नहीं आता ?नई बहू ,,खीझ रही थी अपनी जेठानी पर ।गुस्से और ,घिन से उबल […]

alone

मज़बूरी

खन्ना के घर पर गहरा सन्नाटा छाया हुआ था | एक दम हष्ट पुष्ट दिखने वाले खन्ना जी को अचानक कोरोना वाइरस ने अपने चपेटे […]

दिशा

नई दिशा

9 फ़रवरी, 2021 किरन केशरे 0

शैली किचन में से पूछते हुए निकली ,…..आज क्या बनाऊँ शाम के खाने में ? उसने देखा पति निलेश बालकनी में कुछ गम्भीर सोच में […]

शगुन

सवाया

9 फ़रवरी, 2021 वीणा मंडलोई 1

तनु ने निमंत्रण पत्रिका माँ-बाबूजी को दी और पैर छुए ।बेटी की शादी में आने की मनुहार की।माँ बाबूजी दोनों गदगद हो रहे थे, नातिन […]

मनोकामना

मनोकामना

9 फ़रवरी, 2021 विनीता बर्वे 0

किशोरवय ‘कामना’ कभी डॉक्टर, कभी एयर होस्टेस, कभी अभिनेत्री तो कभी करोडपति बनने वाली युवतियों ,महिलाओं की आए दिन आने वाली खबरों से प्रेरित होकर […]

लांडी को जीव हांडी म

8 फ़रवरी, 2021 विभा भटोरे 1

मैंने सुना कुछ बड़बड़ा रही थी सासू माँ,जीव हांडी म रह्यज।पूरा नहीं सुन पाई।डरते हुए मैंने पूछा —क्या हुआ मम्मीजी?आपने कुछ कहा?हाँ!!!लांडी को जीव हांडी […]

नातरा

जमुना अपने पति के साथ बस में चढ़ी, पति ने खाली सीट देखकर उससे कहा यहां बैठ जा ये सीट खाली है। मैं अभी आता […]

जवान

वतन है जान

7 फ़रवरी, 2021 अनिता शुक्ला 0

दामोदर इस बार लम्बी छुट्टी मिली है ,कब जा रहा है घर ? नहीं अन्ना इस बार नहीं जाना, हमारे जाते ही सरहद पर दुश्मनों […]

पिता का डर

डर

4 फ़रवरी, 2021 सुषमा चौरे 0

“ये क्या किया शंकर तुमने, मकान बेचकर तीस लाख बेटे के हाथ में रख दिए! इतना भरोसा ठीक नहीं औलाद पे ।” दोस्तो की बातें […]

वात्सल्य

वात्सल्य

4 फ़रवरी, 2021 ममता कानुनगो 0

“मनु ये क्या कर रही है, क्यों आंगन में चावल बिखरा रही है” – नानी ने कहा। मनु बोली- “नानी पेड़ पर चिड़िया के छोटे-छोटे […]

संदूक का रहस्य

रहस्य

4 फ़रवरी, 2021 मेधा जोशी 0

एक गांव में एक बुढ़िया अपने बेटे के साथ रहती थी। उसके पास एक संदूक रखा होता था वह कभी उस संदूक को हाथ लगाने […]

बरगद का पेड़

बरगद

4 फ़रवरी, 2021 पूजा करे 1

मैंने ही इन्हें गाँव से बुलाकर मुसीबत मोल ले ली, किस घड़ी में इन्हें दया करके यहाँ ले आई । इन शब्दों को बड़बड़ाते हुए […]

बाबूजी

बाबूजी

“देखों सुमि, बाबूजी का कमरा एकदम साफ सुथरा होना चाहिए, उन्हें सबकुछ व्यवस्थित अच्छा लगता हैं” राहुल लगातार बोले जा रहा था। इतने में सुमि […]

समझौता

भव्य सरकारी बंगला मेहमानों से भरा था… छोटे फूफाजी एक्टिवा की चाबी मांग रहे थे| उन्हें अपने पुराने मित्रों को गुड्डी के शादी का निमंत्रण […]

मां का बंटवारा – लघु नाटिका

पात्र परिचय बड़े भाई: रमेश, छोटा भाई: सुरेश, मझला: उमेश बहुएं: बड़ी अर्चना, अमिता , अंजलि बहन: राधिका अविवाहित दृश्य: रमेश और उसकी पत्नी अर्चना […]

निकम्मा राजू

निकम्मा

राजू का बचपन से ही पढ़ाई में मन नहीं लगता था। घर में जब भी पढ़ने की बात चलती, एकदम चुप बैठ जाता। डांट पड़ने […]

memory

स्मृति-बिंब

6 जनवरी, 2021 सुधा केशरे 0

घर की सफ़ाई करते हुए सोचने लगी, अरे ये क्या? इस घर की धूल भी मुझसे कितना प्यार करती है।रोज रोज मेरे द्वारा झाड़ने के […]

क्षितिज तक

6 जनवरी, 2021 जागृति डोंगरे 2

नन्ही सी वह बिन मां की बच्ची जब दूसरे बच्चों को अपनी, अपनी मां के साथ लाड़-प्यार और हट करते देखती तो, सोचती कि मेरी […]

कर्तव्य

4 जनवरी, 2021 सुषमा चौरे 0

ज्योति ने घर के अंदर कदम रखा, अपना बैग बाहर के टेबल पर पटक कर सीधे बाथरूम में घुस गई। नहाकर बाहर आई तो किचेन […]

अकेला-बचपन

अकेला बचपन

25 दिसम्बर, 2020 प्रभा शुक्ला 0

उसे तो शाम का इंतजार था कि कब शाम हो और वह भी बाहर घूमनें जाये अपने दादाजी के साथ। दिन भर वह दादी के […]

एक और सावित्री

एक और सावित्री

25 दिसम्बर, 2020 प्रभा शुक्ला 0

रश्मि का छोटा सा परिवार,सास,ससुर, एक बारह साल का बेटा,पति रोहन और वह खुद। कुल मिलाकर पांच जने। मध्यम परिवार से आई थी, कोई बड़े […]