ओशो वाणी : गुरु दादू दयाल और शिष्य वाजिद

प्रेम के पथिक

परमात्मा के प्रेम में डूबे हुए परमशक्ति से मिलन की राह में चलने वाले पथिकों जैसे रैदास, मीरा, नानक, कबीर के बारे में ओशो ने अपने प्रवचनों में बहुत ही अच्छी, जानने योग्य बातें कही हैं। उन्हीं में से कुछ अंश आपके साथ साझा कर रही हूँ। “प्रेम के पथिक” के अंतर्गत आज जानेंगे गुरु “दादू दयाल” और उनके शिष्य “वाजिद” के बारे में।

कैसे उनके जीवन में गुरु की खोज शुरू हुई।

ऑडियो सुन कर प्रतिक्रिया व्यक्त कीजिएगा।

पसंद आने पर “प्रेम के पथिक” कि अगली कड़ी में हम बात करेंगे ” रज्जब ” के बारे में। जिन्हें जगाने वाले भी गुरु दादू दयाल ही थे।

और पॉडकास्ट सुनें : शब्दबोध कथांजलि

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About प्रीति कानूनगो 5 Articles
प्रीति विजय कानूनगो का NTPC सेलदा,खरगोन से नमस्कार मैने भोपाल से BSc और Institute of Environment management & Plant Sciences, उज्जैन से MSc किया है। रंगोली बनाना, music सुनना, Gardening और आध्यात्मिक किताबें पढ़ना पसंद करती हूं
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