श्रृंगार

मनहरण घनाक्षरी – श्रृंगार

विषय: श्रृंगारविधा: मनहरण घनाक्षरी कनक सी कांति युक्त,रूप यौवनी संयुक्त,पोर पोर प्रेम सूक्त,कामिनी रिझाती है। अलक है मेघ माल,अधर रंगे हो लाल,भाल ज्यों कुमुद ताल,देह […]

बहादुर लाल वो

6 जनवरी, 2021 विभा भटोरे 1

11 जनवरी लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर शत शत नमन। विधा -मनहरण घनाक्षरी लाडला बेटा था नन्हेहटा पिता का साया तो,तैरकर शाला जावे,बहादुर […]