परिणय बंधन

परिणय बंधन

13 मार्च, 2021 डॉ. भावना बर्वे 6

रम्या ने अपने चेहरे को मास्क एवं स्कार्फ से ढक लिया था। रेलवे प्लेटफार्म पर बैठे हुए उसे लगभग दो घंटे हो चुके थे। उसकी […]

पहला जन्मदिन

12 मार्च, 2021 जागृति डोंगरे 0

नीतू सुबह उठी तो बहुत खुश थी।आज ससुराल में उसका पहला जन्मदिन था। उसने भगवान के हाथ जोड़कर अपने सास-ससुर के चरण-वंदन किये और अखंड […]

पूर्वजों का ऋण

8 मार्च, 2021 सुषमा चौरे 0

आशा अपनी दोनो बेटियों के खेल रही थी। तभी शर्मा आंटी आई और तिरछी मुस्कान के साथ बोली “खूब मस्ती हो रही है बेटियों के […]

विभूति

विभूति

घर पर कंप्यूटर के सामने बैठा विभूति ऑनलाइन फॉर्म भर रहा था तभी जोर से बोला… “मम्मी देखो फिर वही प्रॉब्लम आजकल सब ऑनलाइन हो […]

मर्यादा

22 फ़रवरी, 2021 वीणा मंडलोई 0

जीजी क्यों ,झेल रही हो ,इतने सालों से ?तुम्हें गुस्सा नहीं आता ?नई बहू ,,खीझ रही थी अपनी जेठानी पर ।गुस्से और ,घिन से उबल […]

alone

मज़बूरी

खन्ना के घर पर गहरा सन्नाटा छाया हुआ था | एक दम हष्ट पुष्ट दिखने वाले खन्ना जी को अचानक कोरोना वाइरस ने अपने चपेटे […]

दिशा

नई दिशा

9 फ़रवरी, 2021 किरन केशरे 0

शैली किचन में से पूछते हुए निकली ,…..आज क्या बनाऊँ शाम के खाने में ? उसने देखा पति निलेश बालकनी में कुछ गम्भीर सोच में […]

शगुन

सवाया

9 फ़रवरी, 2021 वीणा मंडलोई 1

तनु ने निमंत्रण पत्रिका माँ-बाबूजी को दी और पैर छुए ।बेटी की शादी में आने की मनुहार की।माँ बाबूजी दोनों गदगद हो रहे थे, नातिन […]

नातरा

जमुना अपने पति के साथ बस में चढ़ी, पति ने खाली सीट देखकर उससे कहा यहां बैठ जा ये सीट खाली है। मैं अभी आता […]

जवान

वतन है जान

7 फ़रवरी, 2021 अनिता शुक्ला 0

दामोदर इस बार लम्बी छुट्टी मिली है ,कब जा रहा है घर ? नहीं अन्ना इस बार नहीं जाना, हमारे जाते ही सरहद पर दुश्मनों […]

मकान

डर

4 फ़रवरी, 2021 सुषमा चौरे 0

ये क्या किया शंकर तुमने, मकान बेचकर तीस लाख बेटे के हाथ में रख दिए! इतना भरोसा ठीक नहीं औलाद पे । दोस्तो की बातें […]

वात्सल्य

4 फ़रवरी, 2021 ममता कानुनगो 0

मनु ये क्या कर रही है, क्यो आंगन में चावल बिखरा रही है…..नानी ने कहा।मनु बोली-नानी पेड़ पर चिड़िया के छोटे-छोटे बच्चे रहते हैं,उन्हीं के […]

बरगद

बरगद

4 फ़रवरी, 2021 पूजा करे 1

मैंने ही इन्हें गाँव से बुलाकर मुसीबत मोल ले ली , किस घड़ी में इन्हें दया करके यहाँ ले आई । इन शब्दों को बड़बड़ाते […]

कुमकुम

सुरक्षा कवच

3 फ़रवरी, 2021 सुषमा चौरे 0

सुधा की आज वापसी थी ,15 दिन मायके में कब बीत गए पता ही नहीं चला।भाभी ने हल्दी कुमकुम लगा कर विदा किया ,टैक्सी में […]

बाबूजी

बाबूजी

“देखों सुमि, बाबूजी का कमरा एकदम साफ सुथरा होना चाहिए, उन्हें सबकुछ व्यवस्थित अच्छा लगता हैं” राहुल लगातार बोले जा रहा था। इतने में सुमि […]

क्षितिज तक

6 जनवरी, 2021 जागृति डोंगरे 2

नन्ही सी वह बिन मां की बच्ची जब दूसरे बच्चों को अपनी, अपनी मां के साथ लाड़-प्यार और हट करते देखती तो, सोचती कि मेरी […]