संस्कार और गांव की सोच: पढ़े-लिखे संदीप की कहानी

उच्च शिक्षा प्राप्त कर संदीप शहर से गांव लौट कर आया और गांव पर ही अपना बिजनेस शुरू कर दिया।साथ में खेती का काम भी देखता।

पर मां कहने लगी बेटा तुम जानते हुए भी कि गांव में लड़की वाले अपनी बेटी देना पसंद नहीं करते फिर तुम इतना पढ़े शहर के जगह गांव में आकर तुम काम कर रहे हो।शहर में ही नौकरी क्यों नहीं कल लेते ।

मां में सब जानता हूँ अच्छे से में यही रहकर अपना काम करूंगा और खेती का भी सम्भाल लूँगा ।

यही लोगों की सोच है पढ़ा लिखा लड़का शहर में जो काम करता है वही अगर गांव में करता है तो क्या बुराई है इसमें। खेती में क्या बुरा है मां में लोगों की इसी सोच को बदलना चाहता हूँ।

गांव में जन्में हैं गांव को कैसे छोड़ दें ।धन्य है बेटा ये तुम नही तुम्हारे संस्कार बोल रहे हैं। खुश रहो।।

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