पलाश-फूल और वसंत-उन्माद: एक कविता

अलसाये जंगलों में पलाश की कली के खिलने, पतझड़-शाखों पर बसन्त की कोपल, बंजर भूमि में मखमली छादर-सा पसरा पलाश, और चारों ओर फैलती फगुनाई खुशबू/चारों ओर के उल्लास का काव्यात्मक चित्रण।