पुस्तकों का मान: ज्ञान की भव्य शिवाला

पुस्तकों के महत्व पर आधारित यह कविता—कैसे पढ़कर व्यक्ति ज्ञान पाता है, साहित्य का दर्पण बनती हैं पुस्तकें, और गुरूकुल/पाठशाला में ज्ञान का आश्रय बनकर मन को सम्मान देती हैं।