मर्यादा पुरुषोत्तम राम: वनवास, सीता हरण, लंका विजय और दीपोत्सव

इस कविता में मर्यादा पुरुषोत्तम राम के वनवास, लक्ष्मण-सीता के साथ पंचवटी वास, सीता हरण, हनुमान व वानर सेना की लंका यात्रा, रावण-वध के बाद सीता की वापसी और चौदह वर्षों के बाद अयोध्या आगमन व दीपोत्सव की खुशियों का वर्णन है।