कविता व्यक्तित्व की वाणी पूर्णिमा मलतारे • दिसम्बर 26, 2022 व्यक्तित्व को ऐसे बनाएं कि वह जीवन भर छाप छोड़े। चंदन, फूल, हीरा और कस्तूरी की तरह कीमती और दुर्लभ बनें। पूरी रचना पढ़ें : व्यक्तित्व की वाणी