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बाजार में सुदर्शना से मुलाकात: समाजसेवा की प्रेरणा
कॉलेज की सहेली सुदर्शना से सब्जी खरीदते समय अचानक मुलाकात होती है। वह अपने पति के व्यस्त होने के बावजूद समाज सेवा करती है और समाचार पत्रों में छपे फोटो व भाषणों के वीडियो दिखाती है। उसकी बेटी-बेटा समानता और जनसंख्या नियंत्रण पर प्रभावशाली बातें, छह बेटियों के साथ उसका जीवन—सब कुछ मिलकर एक प्रेरक किस्सा बनता है।