Posted inकविता नारी स्वाभिमान पर कविता: हर किरदार निभाने की बेबसी यह कविता बेटी से माँ तक के सफ़र में निभाई गई भूमिकाओं की बात करती है और सवाल उठाती है कि अपनों के लिए लड़ने वाली स्त्री अपने मान और स्वाभिमान के लिए क्यूँ चुप रह जाती है। Posted by नंदिनी गावशिंदे जनवरी 5, 2026