रामचरित्र पर संदेह नहीं: राम की महिमा और भक्ति

लेख में कवि/लेखक राम की अनंत महिमा का बखान करने में अपनी असमर्थता बताते हैं और बताते हैं कि रामचरित्र पर संदेह कैसे नहीं करना चाहिए। सीता परित्याग जैसी भ्रांतियों के संदर्भ में राम के चरित्र की गरिमा, धर्म-नीति और भक्ति की दृष्टि समझाई गई है।