शीला की विधवा पीड़ा और समाज का कटाक्ष

शीला के पति की मृत्यु के बाद उनके जीवन में आई “विधवा” की पीड़ा, समाज के कटाक्ष, और धैर्य के साथ बच्चों व काम में आगे बढ़ने की कहानी—जहां लेखिका सवाल करती है कि समाज में विधवाओं के लिए जगह क्यों नहीं है।