Posted inकविता भक्ति कविता: तुम मार्ग मेरा प्रशस्त करो “तुम मार्ग मेरा प्रशस्त करो” भाव से रचित भक्ति-कविता, जिसमें प्रभु से शीत-हरण, संताप-हरण और मोह-लोभ से मुक्ति की प्रार्थना है। Posted by वीणा मण्डलोई जनवरी 5, 2026