श्रीराम जय राम जय जय राम: भक्ति कविता

“श्रीराम जय राम जय जय राम” के समर्पण भाव में लिखी गई यह भक्ति कविता प्रभु श्रीराम के जन्म, तप-त्याग, वनवास, भक्त-कल्याण और सर्वव्यापक स्वरूप का वर्णन करती है।