माई नर्मदा पर कविता

हो सदा तिहारी
जय जय जयकार
मैकल सुता तुम
कलकल बहती धार
माई नर्मदा
शिवसुता तुम
देव ऋषिमुनि गण
सब घाटों पर
तिहारे करते वास

माई नर्मदा
अमरकंटक जन्मस्थली
पुण्यभूमि हर धाम
हर कंकड़ तेरा
पूजा जाता
अजर अमर वरदान

माई नर्मदा
सकल वसुधा सींचती
हरती जन जन पीर
तट पर तिहारे
साधु संतों का डेरा
जन्म जन्म के
हरती पाप संताप

माई नर्मदा
तनमन से सब
करते तेरी पूजा
पूरन करती सब
मनकामना

माई नर्मदा
दूध धारा बन
माँ सा कराती
अमृत पान
करती अपने पथ
में आये सब
जन जीवन खुशहाल

माई नर्मदा
करूँ विनती
सदा रखना
हरा भरा संसार

माई नर्मदा
रखना अपने
भक्तों की लाज

माई नर्मदा
हम सब तेरे
बालक है नादान

माई नर्मदा
जो भी आये
शरण तिहारी
रखना सबकी लाज

माई नर्मदा
हो सदा तिहारी
जय जय जयकार