Posted inकविता नारी ही नारायणी: सम्मान और अधिकार पर कविता नारी के लिए सम्मान, समान अधिकार, और अत्याचार से मुक्ति की भावना को व्यक्त करती कविता। Posted by प्रवीणा पगारे जनवरी 5, 2026
Posted inकविता माई नर्मदा पर कविता माई नर्मदा की महिमा, आराधना और भक्तों की विनतियों पर आधारित भावपूर्ण कविता—अमरकंटक से लेकर समस्त घाटों तक। Posted by प्रवीणा पगारे जनवरी 5, 2026
Posted inकविता मुहब्बत का तराना: चार दिन का राग चल रहा है इस कविता में मौसम के आशिकाना और दीवाना होने, हर तरफ मुहब्बत के तराने चलने, और प्यार के नाम पर दिखावे-छलावे की सच्चाई को पंक्तियों में पिरोया गया है। Posted by प्रवीणा पगारे जनवरी 5, 2026
Posted inकविता स्वाभिमान और जीवन की सीख: कविता इस कविता में स्वाभिमान बनाए रखने, झूठ के जंजाल से बचने, विपत्तियों का सामना करने और नेक राह पर कदम बढ़ाने की सीख दी गई है। साथ ही गीता और क़ुरान को कोसोने से बचने तथा हिंदुस्तान को आपसी नफ़रत से न बांटने का संदेश भी है। Posted by प्रवीणा पगारे जनवरी 5, 2026