Posted inकहानी दान का महत्व: राधेश्याम बाबू की कार यात्रा दिन भर की थकान के बाद राधेश्याम बाबू परिवार के साथ शहर से गांव लौटते हैं। रास्ते में एक चोकिदार को मिले दस रुपए के माध्यम से परिवार दान और मदद की सोच पर बातचीत करता है। Posted by हरिवल्लभ शास्त्री जनवरी 5, 2026