प्रलय सूक्ति: महाभय और प्रलय का काव्य

“प्रलय सूक्ति” में संसार के भयावह अंत, देवताओं के मिटने और मनुष्यों की चिताओं के उठने, धरा के नष्ट होने तथा भय, क्षुब्धता और अंधविश्वास के फैलाव का काव्यात्मक चित्रण है।