मुहब्बत का तराना: चार दिन का राग चल रहा है

इस कविता में मौसम के आशिकाना और दीवाना होने, हर तरफ मुहब्बत के तराने चलने, और प्यार के नाम पर दिखावे-छलावे की सच्चाई को पंक्तियों में पिरोया गया है।