Posted inकविता मुहब्बत का तराना: चार दिन का राग चल रहा है इस कविता में मौसम के आशिकाना और दीवाना होने, हर तरफ मुहब्बत के तराने चलने, और प्यार के नाम पर दिखावे-छलावे की सच्चाई को पंक्तियों में पिरोया गया है। Posted by प्रवीणा पगारे जनवरी 5, 2026