गरीबी से जूझकर बेटे को बैंक ऑफिसर बनाने और फिर परिवार के साथ बाकी जिंदगी के सफर की उम्मीदों के बीच निखिल की मां को वृद्धाश्रम जाने का रास्ता अचानक लंबा क्यों लगा—इस भावपूर्ण प्रसंग की कहानी।
“विफल मन शापित जीवन” कविता में नियति की चाल, दुविधा, स्मृतियों का भार और हँसी-आँसू के मिश्रित अनुभवों के माध्यम से जीवन के कष्टों को व्यक्त किया गया है।