जिंदगी ऐसे चल रही जैसे शमा जल रही — कविता

जीवन के उतार-चढ़ाव, रोशनी और अंधेरे के बीच लगातार चलते रहने, अपनेपन और गैरों के साथ-साथ, और अंततः मौत के आगोश तक की भावनात्मक यात्रा पर आधारित कविता।