नारी पर कविता: सीता, सावित्री और लक्ष्मी का रूप

यह कविता नदी की उपमा देकर नारी के संघर्ष, समर्पण, कर्तव्य और परिवार को सींचने की भावना को दर्शाती है। अंत में नारी को सीता, सावित्री, अन्नपूर्णा, दुर्गा और लक्ष्मी जैसे रूपों में बताया गया है।