भावेश घर में भावनाओं को दबाकर आता है और निगम अंकल के साथ हुई बातचीत के दौरान विभूति के नए पद पर प्रमोशन की खुशी सामने आती है। इस बीच विभूति ऑफिस से छुट्टी लेने की सोचती है, और दोनों एक-दूसरे को देखकर मुस्करा देते हैं।
इस कथा में असुर रक्तबीज के अत्याचार से देवताओं की परेशानी, ब्रह्माजी से प्राप्त वरदान के अनुसार पराक्रमी कन्या के रूप में माँ दुर्गा का प्रकट होना, तथा शिवजी और अन्य देवताओं द्वारा दिव्य अलंकार व अस्त्र प्रदान करने का वर्णन है। साथ ही देवी को आदि शक्ति/सृष्टि की मूल शक्ति माना गया है।