माँ का प्यार और बच्चों का भेदभाव
सुशीला अपने बीमार बेटे मिन्टू के साथ अस्पताल से घर लौट रही है। मिन्टू ने माँ से बच्चों में भेदभाव के बारे में पूछा।
सुशीला अपने बीमार बेटे मिन्टू के साथ अस्पताल से घर लौट रही है। मिन्टू ने माँ से बच्चों में भेदभाव के बारे में पूछा।
इस कविता में प्यार और मौसम की खूबसूरती का वर्णन किया गया है, जिसमें मुहब्बत का तराना और दोस्ती का अहसास है।