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Posts by प्रवीणा पगारे

About प्रवीणा पगारे
ना बेचो अपने स्वाभिमान को
Posted inकविता

ना बेचो अपने स्वाभिमान को

अपने स्वाभिमान को न बेचें। कठिनाइयों का सामना करें और अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ते रहें। जीवन में विपत्तियों से घबराएं नहीं।
Posted by प्रवीणा पगारे जनवरी 10, 2023
नारी ही नारायणी: नारी के अधिकारों की कविता
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नारी ही नारायणी: नारी के अधिकारों की कविता

नारी का सम्मान और अधिकार जरूरी हैं। हर महिला को मिलें समान अधिकार और खुशियों का आसमान।
Posted by प्रवीणा पगारे सितम्बर 17, 2022
नर्मदा माँ की महिमा
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नर्मदा माँ की महिमा

माई नर्मदा की महिमा, पुण्यभूमि और भक्तों की रक्षा का संदेश। हर कंकड़ पूजा जाता है, जीवन में खुशहाली लाने वाली।
Posted by प्रवीणा पगारे जून 27, 2022
अपना राग अपना ही गाना
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अपना राग अपना ही गाना

इस कविता में प्यार और मौसम की खूबसूरती का वर्णन किया गया है, जिसमें मुहब्बत का तराना और दोस्ती का अहसास है।
Posted by प्रवीणा पगारे दिसम्बर 17, 2021

नवीनतम पोस्ट

  • नारी की शक्ति और भूमिका
    श्रीमती प्रवीणा पगारे द्वारा
    नारी जीवन में बाधाओं को पार कर आगे बढ़ती है, परिवारों को जोड़ती है और सभी के सुख-दुख में शामिल होती है।
  • जिंदगी की रोशनी और अंधेरा
    श्रीमती सरिता अजय जी साकल्ले द्वारा
    जिंदगी के उतार-चढ़ाव में रोशनी और अंधेरे का संगम। शमा की तरह जलती हुई, खुशियों और गम के बीच गुजरती।
  • ना बेचो अपने स्वाभिमान को
    प्रवीणा पगारे द्वारा
    अपने स्वाभिमान को न बेचें। कठिनाइयों का सामना करें और अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ते रहें। जीवन में विपत्तियों से घबराएं नहीं।
  • राधेश्याम बाबू का परिवार और दान की सीख
    हरिवल्लभ शास्त्री द्वारा
    राधेश्याम बाबू ने परिवार के साथ शहर से लौटते समय रेस्टोरेंट में खाना खाया और एक चोकिदार को मदद की।
  • शुभि और प्रशांत का संघर्ष
    कमला नरवरिया द्वारा
    शुभि के मन में भावनाओं का गुबार है।

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  • कविता
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  • नारी की शक्ति और भूमिका
    श्रीमती प्रवीणा पगारे द्वारा
    जनवरी 29, 2023
  • जिंदगी की रोशनी और अंधेरा
    श्रीमती सरिता अजय जी साकल्ले द्वारा
    जनवरी 25, 2023
  • ना बेचो अपने स्वाभिमान को
    प्रवीणा पगारे द्वारा
    जनवरी 10, 2023
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