Posted inकविता ना बेचो अपने स्वाभिमान को अपने स्वाभिमान को न बेचें। कठिनाइयों का सामना करें और अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ते रहें। जीवन में विपत्तियों से घबराएं नहीं। Posted by प्रवीणा पगारे जनवरी 10, 2023
Posted inकविता नारी ही नारायणी: नारी के अधिकारों की कविता नारी का सम्मान और अधिकार जरूरी हैं। हर महिला को मिलें समान अधिकार और खुशियों का आसमान। Posted by प्रवीणा पगारे सितम्बर 17, 2022
Posted inकविता नर्मदा माँ की महिमा माई नर्मदा की महिमा, पुण्यभूमि और भक्तों की रक्षा का संदेश। हर कंकड़ पूजा जाता है, जीवन में खुशहाली लाने वाली। Posted by प्रवीणा पगारे जून 27, 2022
Posted inकविता अपना राग अपना ही गाना इस कविता में प्यार और मौसम की खूबसूरती का वर्णन किया गया है, जिसमें मुहब्बत का तराना और दोस्ती का अहसास है। Posted by प्रवीणा पगारे दिसम्बर 17, 2021