अपना राग अपना ही गाना

अपना राग अपना ही गाना

अपना राग अपना ही गाना चल रहा है,

मौसम अभी आशिकाना चल रहा है।
हर तरफ मुहब्बत का तराना चल रहा है,
मौसम अभी दीवाना चल रहा है।

चार दिन का राग
मुहब्बत अलापना चल रहा है,
प्यार के नाम पर भी
दिखावा चल रहा है।
भोले-भाले दिल वालों साथ छलावा चल रहा है।

सफर जिंदगी का सुहाना चल रहा है,
दोस्ताना साथ से हमारा आशियाना चल रहा है।