सुरभी का प्रवचन अनुभव

सुरभी का प्रवचन अनुभव

सुरभी ने प्रवचन सुनने का निर्णय लिया, लेकिन पति प्रशान्त की यादों में खो गई। उसने महसूस किया कि सच्चा संत वही है जो गृहस्थाश्रम में रहकर भी विरक्त भाव रखता है।