Posted inकहानी सुरभी का प्रवचन अनुभव सुरभी ने प्रवचन सुनने का निर्णय लिया, लेकिन पति प्रशान्त की यादों में खो गई। उसने महसूस किया कि सच्चा संत वही है जो गृहस्थाश्रम में रहकर भी विरक्त भाव रखता है। Posted by जयन्ती अखिलेश चतुर्वेदी दिसम्बर 1, 2022
Posted inकविता काश, ऐसी होली अबके बरस आयें इस होली पर असली रंगों की पहचान, हृदय की पवित्रता और नारी सुरक्षा की बात। प्रेम और भाईचारे का संदेश। Posted by जयन्ती अखिलेश चतुर्वेदी अक्टूबर 22, 2022
Posted inनिबंध मेरे गाँव का बुढा बरगद मेरे गाँव का बुढा बरगद, जो पीढ़ियों का साक्षी है, गाँव की आत्मीयता और एकता का प्रतीक है। यह प्रेम और आशीर्वाद की छाया प्रदान करता है। Posted by जयन्ती अखिलेश चतुर्वेदी अगस्त 6, 2022
Posted inकविता हे मुरलीधर: एक भक्ति कविता कविता में प्रेम और भक्ति की गहराई को दर्शाया गया है, जहां भक्त अपने भगवान से मिलन की प्रार्थना करता है। Posted by जयन्ती अखिलेश चतुर्वेदी जुलाई 28, 2022
Posted inकविता नववर्ष 2021 के स्वागत में कविता साल 2021 का स्वागत, उम्मीदें और खुशियों से भरा। प्रेम और सद्भाव का संदेश। Posted by जयन्ती अखिलेश चतुर्वेदी जुलाई 18, 2022
Posted inलेख जल का महत्व और संरक्षण जल एक अमृत तुल्य संसाधन है, जो जीवन के लिए आवश्यक है। जल संरक्षण के उपाय अपनाकर हम भविष्य की पीढ़ियों के लिए इसे सुरक्षित रख सकते हैं। Posted by जयन्ती अखिलेश चतुर्वेदी जून 12, 2022
Posted inकविता जीवन में प्रेम की महक इस कविता में प्रेम की गहराई और प्रियतम के प्रति भावनाओं का सुंदर वर्णन किया गया है। जीवन में प्रेम के आगमन से सब कुछ बदल जाता है। Posted by जयन्ती अखिलेश चतुर्वेदी मार्च 23, 2022