स्वतंत्रता और खुशियों की बिदाई (2020-2021) – जयन्ती अखिलेश चतुर्वेदी

“सन् 2020–2021” के संदर्भ में लिखी गई यह कविता स्वागत, बिदाई, दर्द-आंसू और फिर स्वतंत्रता, प्रेम व सद्भाव के बीज बोने की प्रेरणा देती है। कैद-सी स्थिति से बाहर निकलकर उम्मीदों को संजोने का संदेश इसमें है।

कविता की सुंदर अभिव्यक्ति

यह कविता कोमल भावनाओं, कवि-हृदय की कल्पना, प्रकृति की सुंदरता, ममत्व की पुकार और प्रियतम के प्रेम जैसे भावों की मधुर अभिव्यक्ति को शब्दों में पिरोती है।

गीता का सार: जीवन का आधार—कविता

इस स्वरचित कविता में “गीता का सार ही है जीवन का आधार” को केंद्र में रखते हुए भक्ति, कर्तव्य-मार्ग, कर्मण्यता, फलाकांक्षा का त्याग और दृढ़ विश्वास जैसे संदेश प्रस्तुत किए गए हैं।

हवाओं की हलचल: सतर्कता पर प्रेरक कविता

यह कविता आने वाले तूफान और जीवन की जंग के संदर्भ में सतर्क रहने, खुद की रक्षा करने और सही समय पर होशियार होने का संदेश देती है।

मुहब्बत का तराना: चार दिन का राग चल रहा है

इस कविता में मौसम के आशिकाना और दीवाना होने, हर तरफ मुहब्बत के तराने चलने, और प्यार के नाम पर दिखावे-छलावे की सच्चाई को पंक्तियों में पिरोया गया है।

व्यक्तित्व की वाणी: प्रेरक कविता

यह प्रेरक कविता व्यक्तित्व की ऐसी वाणी और गुणों की बात करती है जो अंतर्मन तक छू जाएं, जीवन भर प्रभाव छोड़ें, और चंदन, फूल, हीरा, कस्तूरी व कमल जैसे उदाहरणों से महानता की प्रेरणा दें।

साँवरे की भक्ति: राधा-कृष्ण चरणों की आस

इस कविता में साँवरे के प्रति मन, नैन, चरणों और जीवन की पूर्ण समर्पण-भावना तथा राधा-कृष्ण के चरणों में आशा को व्यक्त किया गया है।

तुम्हारे प्रेम का जादू: प्रेम कविता

इस कविता में प्रियतम के आने से जीवन में आई खुशियों, अपनापन, और प्रीत के जादू का सुंदर भाव-प्रवाह व्यक्त हुआ है।

नववर्ष: प्रकृति का उत्सव

नववर्ष के अवसर पर प्रकृति, सृष्टि, नदियां-पर्वत, पशु-पक्षी और मानवता के साथ सामंजस्य व अनुशासन की भावना को व्यक्त करती कविता।