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स्वतंत्रता और खुशियों की बिदाई (2020-2021) – जयन्ती अखिलेश चतुर्वेदी
“सन् 2020–2021” के संदर्भ में लिखी गई यह कविता स्वागत, बिदाई, दर्द-आंसू और फिर स्वतंत्रता, प्रेम व सद्भाव के बीज बोने की प्रेरणा देती है। कैद-सी स्थिति से बाहर निकलकर उम्मीदों को संजोने का संदेश इसमें है।