प्रार्थना

प्रार्थना

हो भोर तुम्हीं और साँझ तुम्हींनभ भी तुम ,पाताल तुम्हीं,है धरा तुम्हारी, व्याप्त रहोतुम मार्ग मेरा प्रशस्त करो !!शीत हरो, सब ताप हरो ,मन के […]