श्रृंगार

मनहरण घनाक्षरी – श्रृंगार

विषय: श्रृंगारविधा: मनहरण घनाक्षरी कनक सी कांति युक्त,रूप यौवनी संयुक्त,पोर पोर प्रेम सूक्त,कामिनी रिझाती है। अलक है मेघ माल,अधर रंगे हो लाल,भाल ज्यों कुमुद ताल,देह […]