मोदक खोलते ही नारियल और गुड़ की खुशबू निकले, और चावल के आटे का खोल नरम रहे—उकडीचे मोदक की पहचान यही है। इस बार गणेशोत्सव में बाजार की मिठाई के साथ घर का यह स्वाद भी शामिल किया जा सकता है।
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव पर बनाए जाने वाले इन मोदकों को भाप में पकाया जाता है। चावल के आटे से उनका बाहरी खोल और नारियल-गुड़ से मीठी भरावन तैयार होती है।
कितने बनेंगे: लगभग 12 मध्यम मोदक। तैयारी का समय: 40 मिनट। पकाने का समय: 25 मिनट। कुल समय: लगभग 65 मिनट।
सामग्री
- बारीक चावल का आटा — 150 ग्राम
- पानी — 300 मिलीलीटर; जरूरत पर थोड़ा अतिरिक्त गर्म पानी
- ताजा कद्दूकस नारियल — 100 ग्राम
- कद्दूकस गुड़ — 100 ग्राम
- घी — 2 छोटे चम्मच, थोड़ा सांचे या थाली के लिए
- इलायची पाउडर — ¼ छोटा चम्मच
बनाने की विधि
- एक छोटा चम्मच घी गरम करके नारियल और गुड़ मिलाएँ। धीमी आँच पर 5–7 मिनट चलाएँ; मिश्रण बाँधने लायक हो जाए तो इलायची डालकर ठंडा करें।
- बचे घी के साथ पानी उबालें। आटा डालकर तुरंत मिलाएँ। आँच बंद करके 5 मिनट ढकें।
- मिश्रण हाथ से संभालने लायक गर्म रह जाए तो चिकना गूँधें। सूखा लगे तो गर्म पानी एक-एक छोटा चम्मच डालें।
- आटे के 12 हिस्से बनाएँ और ढककर रखें। हर हिस्से की छोटी कटोरी बनाकर भरावन रखें।
- किनारों पर चुन्नट डालें, ऊपर जोड़ें और सील करें। सांचा इस्तेमाल करें तो उसे चिकना करके खोल, भरावन और नीचे की सील बनाएँ।
- उबलते पानी के ऊपर चिकनी स्टीमर-थाली में मोदक रखें। ढककर 12–15 मिनट भाप दें; थाली पानी को न छुए।
- खोल पककर हल्का चमकीला हो जाए तो निकालें। उठाने से पहले 2 मिनट रुकें।
पहली बार बनाने वालों के लिए
भरावन और आटे को पहले अलग-अलग बराबर हिस्सों में बाँटने से अंतिम मोदक तक अनुपात बना रहता है। बहुत बड़ी कटोरी बनाने के बजाय छोटा आकार चुनें; उसे बंद करना आसान होगा। पहली कोशिश में चुन्नट सुंदर न बने तो भी अच्छी सील अधिक जरूरी है।
क्या सामान्य बर्तन में बना सकते हैं? हाँ, ढक्कन वाले गहरे बर्तन में स्टैंड और स्टीमर प्लेट रखें। पानी खत्म होने न दें।
परोसने का तरीका: नैवेद्य के बाद हल्के गरम मोदक पर चाहें तो कुछ बूँदें घी डालें।
आपके घर मोदक हाथ से बनते हैं या सांचे में? अपना तरीका टिप्पणी में बताइए।

