कॉलेज से डिग्री लेने के बाद नौकरी की तलाश में निकली एक इंजीनियरिंग छात्रा को कंपनी से इंटरव्यू कॉल आता है। HR के “आज ही आइये” कहने पर वह वीरान और रहस्यमयी हवेली तक पहुँचती है, जहाँ उसे कंपनी को लेकर अपना संशय बढ़ता हुआ महसूस होता है और वह आगे से पहले जानकारी जुटाने का संकल्प लेती है।
कॉलेज की सहेली सुदर्शना से सब्जी खरीदते समय अचानक मुलाकात होती है। वह अपने पति के व्यस्त होने के बावजूद समाज सेवा करती है और समाचार पत्रों में छपे फोटो व भाषणों के वीडियो दिखाती है। उसकी बेटी-बेटा समानता और जनसंख्या नियंत्रण पर प्रभावशाली बातें, छह बेटियों के साथ उसका जीवन—सब कुछ मिलकर एक प्रेरक किस्सा बनता है।
इस कथा में असुर रक्तबीज के अत्याचार से देवताओं की परेशानी, ब्रह्माजी से प्राप्त वरदान के अनुसार पराक्रमी कन्या के रूप में माँ दुर्गा का प्रकट होना, तथा शिवजी और अन्य देवताओं द्वारा दिव्य अलंकार व अस्त्र प्रदान करने का वर्णन है। साथ ही देवी को आदि शक्ति/सृष्टि की मूल शक्ति माना गया है।
इस कविता में महाबली हनुमान की भक्ति, शक्ति और रामभक्त स्वरूप का वर्णन है—उनके पराक्रम, सीताजी की खोज और भक्तों पर कृपा की भावना को गीतात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
जानवी के जीवन में कला की गहरी रुचि, परिवार की परिस्थितियों के बीच संघर्ष, बच्चों को पढ़ाने से लेकर मास्टर डिग्री, स्वर्ण पदक और एक अध्यापिका के रूप में नई पहचान तक की प्रेरक कहानी।