आज ही आइये: नौकरी के इंटरव्यू की अजीब कहानी

कॉलेज से डिग्री लेने के बाद नौकरी की तलाश में निकली एक इंजीनियरिंग छात्रा को कंपनी से इंटरव्यू कॉल आता है। HR के “आज ही आइये” कहने पर वह वीरान और रहस्यमयी हवेली तक पहुँचती है, जहाँ उसे कंपनी को लेकर अपना संशय बढ़ता हुआ महसूस होता है और वह आगे से पहले जानकारी जुटाने का संकल्प लेती है।

करवाचौथ: उपवास, सहनशीलता और एक औरत की व्यथा

करवाचौथ के दिन की बातचीत के जरिए एक औरत के भीतर की टीस, घर की हिंसा और उपवास के मायने पर उठते सवाल—यह कहानी “श्राप या आशीर्वाद” की गहराई को छूती है।

जिंदगी ऐसे चल रही जैसे शमा जल रही — कविता

जीवन के उतार-चढ़ाव, रोशनी और अंधेरे के बीच लगातार चलते रहने, अपनेपन और गैरों के साथ-साथ, और अंततः मौत के आगोश तक की भावनात्मक यात्रा पर आधारित कविता।

बाजार में सुदर्शना से मुलाकात: समाजसेवा की प्रेरणा

कॉलेज की सहेली सुदर्शना से सब्जी खरीदते समय अचानक मुलाकात होती है। वह अपने पति के व्यस्त होने के बावजूद समाज सेवा करती है और समाचार पत्रों में छपे फोटो व भाषणों के वीडियो दिखाती है। उसकी बेटी-बेटा समानता और जनसंख्या नियंत्रण पर प्रभावशाली बातें, छह बेटियों के साथ उसका जीवन—सब कुछ मिलकर एक प्रेरक किस्सा बनता है।

दिव्य माँ शक्ति दुर्गा की उत्पत्ति की कथा: असुर रक्तबीज के अत्याचार और देवी प्रकट होने की कहानी

इस कथा में असुर रक्तबीज के अत्याचार से देवताओं की परेशानी, ब्रह्माजी से प्राप्त वरदान के अनुसार पराक्रमी कन्या के रूप में माँ दुर्गा का प्रकट होना, तथा शिवजी और अन्य देवताओं द्वारा दिव्य अलंकार व अस्त्र प्रदान करने का वर्णन है। साथ ही देवी को आदि शक्ति/सृष्टि की मूल शक्ति माना गया है।

महाबली हनुमान भजन: तात तोरे पवमान

इस कविता में महाबली हनुमान की भक्ति, शक्ति और रामभक्त स्वरूप का वर्णन है—उनके पराक्रम, सीताजी की खोज और भक्तों पर कृपा की भावना को गीतात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।

जानवी की कला से सफलता की प्रेरक कहानी

जानवी के जीवन में कला की गहरी रुचि, परिवार की परिस्थितियों के बीच संघर्ष, बच्चों को पढ़ाने से लेकर मास्टर डिग्री, स्वर्ण पदक और एक अध्यापिका के रूप में नई पहचान तक की प्रेरक कहानी।

भक्ति कविता: तुम मार्ग मेरा प्रशस्त करो

“तुम मार्ग मेरा प्रशस्त करो” भाव से रचित भक्ति-कविता, जिसमें प्रभु से शीत-हरण, संताप-हरण और मोह-लोभ से मुक्ति की प्रार्थना है।

करवाचौथ: उपवास और औरतों का अत्याचार

करवाचौथ के उपवास की आड़ में घर की स्त्री के भीतर छुपी तकलीफ, सहन का दमन और सवाल उठाते हुए एक करुण कथा—जहाँ व्रत को आशीर्वाद समझना मुश्किल हो जाता है।