पाँच वर्षों बाद बेरंग होली फिर रंगीली: बेनीप्रसाद जी का फैसला

बेटे की सड़क दुर्घटना के बाद बेनीप्रसाद जी और उनका परिवार पाँच वर्षों तक होली नहीं मनाते। बहू का प्रेम और त्यौहार की उमंग उन्हें आगे बढ़ने का साहस देती है, और आज रात वे आरती के बाद नई शुरुआत का संकल्प लेते हैं।

ईश्वर पर भरोसा: टूटने के बाद भी नया उल्लास

इस लेख में प्रकृति के नियमों और उनके उदाहरणों के माध्यम से बताया गया है कि समय के साथ परिवर्तन जरूरी है। साथ ही यह भी कि मानव जीवन की टूटन, कष्ट और अवसाद के बाद ईश्वर नई ऊर्जा, नई शुरुआत और शुभ सुबह लेकर आ सकता है—इसलिए आशावादी और सकारात्मक रहना चाहिए।

पलाश-फूल और वसंत-उन्माद: एक कविता

अलसाये जंगलों में पलाश की कली के खिलने, पतझड़-शाखों पर बसन्त की कोपल, बंजर भूमि में मखमली छादर-सा पसरा पलाश, और चारों ओर फैलती फगुनाई खुशबू/चारों ओर के उल्लास का काव्यात्मक चित्रण।

नाव की यात्रा में मानसी की समझदारी: मानवीयता की कहानी

पवित्र नगरी की नाव-यात्रा के दौरान नन्हे शिशु के रोने और दूध खराब होने की परेशानी में मानसी युवती की सूझबूझ से सहायता करती है। समय पर समस्या का समाधान होता है और सभी राहत महसूस करते हैं।

पुस्तकों का मान: ज्ञान की भव्य शिवाला

पुस्तकों के महत्व पर आधारित यह कविता—कैसे पढ़कर व्यक्ति ज्ञान पाता है, साहित्य का दर्पण बनती हैं पुस्तकें, और गुरूकुल/पाठशाला में ज्ञान का आश्रय बनकर मन को सम्मान देती हैं।

बेला और राशि की कहानी: आत्मनिर्भरता के सपनों का सफर

बेला की बेटी राशि के ऑनलाइन बैंक इंटरव्यू में सफलता के बाद होने वाली ट्रेनिंग और ब्रांच चयन की उलझन के बीच माँ-बेटी का भावनात्मक संवाद उभरता है, जहां राशि अपनी आत्मनिर्भरता और भविष्य के भरोसे की बात करती है।

विभूति का प्रमोशन और भावेश की उलझन

भावेश घर में भावनाओं को दबाकर आता है और निगम अंकल के साथ हुई बातचीत के दौरान विभूति के नए पद पर प्रमोशन की खुशी सामने आती है। इस बीच विभूति ऑफिस से छुट्टी लेने की सोचती है, और दोनों एक-दूसरे को देखकर मुस्करा देते हैं।

कुहू का आँचल: सौतेली माँ की ममता

भोली कुहू माँ के आँचल की तलाश में बड़े संघर्षों से गुजरती है, और सौतेली माँ रूपा के कठोर व्यवहार के बाद प्रेम, पश्चाताप और माफी के जरिए सच्ची ममता का रूप सामने आता है।

होली के दिन परिवार की एकता—एक संवादात्मक कहानी

नीता और रवि के बीच पिचकारी और रंगों को लेकर हुई बातचीत के जरिए यह कहानी होली के दिन परिवार की एकता और साथ रहने के आनंद को दर्शाती है।