गणगौर पर्व: निमाड़ में चैत्र से सुदी तीज तक 9 दिनों की कृषि-आस्था और रुणु बाई के गीत

यह लेख गणगौर पर्व के सामाजिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व, निमाड़ में चैत्र सुदी तीज तक 9 दिनों तक मनाए जाने वाले प्रमुख अनुष्ठान, देवी गौरा-शिव परंपरा, ज्वार रूप में फसल कटाई की खुशी, होली की राख से बने कंकरों और रुणु देवी व धनियर राजा (सूर्य) के संवाद-परंपरा का वर्णन करता है।

बेटी की सच्चाई: पिता और अंतरा की बातचीत

अंतरा और उसके पिता के बीच हुई बातचीत में बेटी के अधिकार, पिता की सच्चाई और परिवार के साथ रहने का निर्णय सामने आता है।

कोरोना के बाद शहर में संघर्ष और गांव लौटने का फैसला

शहर में रोजगार के लिए आए सपने, कोरोना महामारी के कारण टूटते हैं। बचत खत्म होने का डर और बढ़ते संक्रमण के बीच एक बातचीत में अंततः गांव लौटकर खेती करने का निश्चय होता है।

नारी पर कविता: सीता, सावित्री और लक्ष्मी का रूप

यह कविता नदी की उपमा देकर नारी के संघर्ष, समर्पण, कर्तव्य और परिवार को सींचने की भावना को दर्शाती है। अंत में नारी को सीता, सावित्री, अन्नपूर्णा, दुर्गा और लक्ष्मी जैसे रूपों में बताया गया है।

स्वाभिमान और जीवन की सीख: कविता

इस कविता में स्वाभिमान बनाए रखने, झूठ के जंजाल से बचने, विपत्तियों का सामना करने और नेक राह पर कदम बढ़ाने की सीख दी गई है। साथ ही गीता और क़ुरान को कोसोने से बचने तथा हिंदुस्तान को आपसी नफ़रत से न बांटने का संदेश भी है।

कब सोचा जिंदगी इतनी थम जायेगी — कोरोना पर कविता

कोरोना के कारण बदली हुई जिंदगी, घर-परिवार तक सीमित दिनचर्या, और इस कठिन समय में आशा की सीख—यह कविता उन्हीं भावों को शब्द देती है।

दान का महत्व: राधेश्याम बाबू की कार यात्रा

दिन भर की थकान के बाद राधेश्याम बाबू परिवार के साथ शहर से गांव लौटते हैं। रास्ते में एक चोकिदार को मिले दस रुपए के माध्यम से परिवार दान और मदद की सोच पर बातचीत करता है।

नववर्ष: प्रकृति का उत्सव

नववर्ष के अवसर पर प्रकृति, सृष्टि, नदियां-पर्वत, पशु-पक्षी और मानवता के साथ सामंजस्य व अनुशासन की भावना को व्यक्त करती कविता।

साँवरे की भक्ति: राधा-कृष्ण चरणों की आस

इस कविता में साँवरे के प्रति मन, नैन, चरणों और जीवन की पूर्ण समर्पण-भावना तथा राधा-कृष्ण के चरणों में आशा को व्यक्त किया गया है।

मुहब्बत का तराना: चार दिन का राग चल रहा है

इस कविता में मौसम के आशिकाना और दीवाना होने, हर तरफ मुहब्बत के तराने चलने, और प्यार के नाम पर दिखावे-छलावे की सच्चाई को पंक्तियों में पिरोया गया है।