हवाओं की हलचल: सतर्कता पर प्रेरक कविता

यह कविता आने वाले तूफान और जीवन की जंग के संदर्भ में सतर्क रहने, खुद की रक्षा करने और सही समय पर होशियार होने का संदेश देती है।

कन्या-पूजन के दिन नन्ही वैष्णवी के साथ हुआ दुष्कर्म और हत्या

नवरात्रि के अंतिम दिन कन्या भोजन के लिए गई नन्ही वैष्णवी देर से लौटती है। तलाश के दौरान मंदिर में उसका खून से लथपथ और मृत शव मिलता है। पिता की बदहवास चीखों के साथ बताया जाता है कि आस-पास रहने वाले व्यक्ति ने बच्ची को बहला कर कुकर्म किया।

कविता की सुंदर अभिव्यक्ति

यह कविता कोमल भावनाओं, कवि-हृदय की कल्पना, प्रकृति की सुंदरता, ममत्व की पुकार और प्रियतम के प्रेम जैसे भावों की मधुर अभिव्यक्ति को शब्दों में पिरोती है।

श्रीराम जय राम जय जय राम: भक्ति कविता

“श्रीराम जय राम जय जय राम” के समर्पण भाव में लिखी गई यह भक्ति कविता प्रभु श्रीराम के जन्म, तप-त्याग, वनवास, भक्त-कल्याण और सर्वव्यापक स्वरूप का वर्णन करती है।

गणगौर के लिए मीठे गुने की आसान रेसिपी

माँ पार्वती और गणगौर की शुभकामनाओं के साथ जानिए मीठे गुने बनाने की विधि—आटा गूँथना, तलना, और चाशनी में मिलाकर भोग के लिए तैयार करने तक।

हाथों से फिसलती रेत: धोखा और दूरी पर कविता

मीठी बातों के जाल, अपने-पराए होते रिश्तों, तपती गर्मी और जीवन में आती भयानक सुबह—इन सबके चित्रण में रचा गया यह काव्य।

पटेल दादा की कोरोना-भागदौड़: एम्बुलेंस वाला किस्सा

बहार के मौसम की तरह फैले कॅरोना के डर, पहले लक्षणों से लेकर फिर सावधानी और एम्बुलेंस की नौबत तक—एक परिवार की हास्य-व्यंग्य भरी कहानी।

50 के बाद अपना आकाश: स्त्रियों की उड़ान

स्त्रियों को बचपन से मिला “सुरक्षित आकाश”, असुरक्षा के घेरे में उड़ान की सीमाएँ, और फिर 50 के बाद अपने सामाजिक दायरे, दोस्तों, चाय पार्टियों, घूमने तथा सजने-संवरने के साथ तृप्त होकर जीने का आत्मकथात्मक अनुभव।

श्रृंगार: काव्य

“विषय--श्रृंगार” शीर्षक के अंतर्गत रचे गए इस काव्य में नायिका के सौंदर्य, अलंकार, प्रेम-सूक्त और मधुर भावों का वर्णन किया गया है।