संस्कार और गांव की सोच: पढ़े-लिखे संदीप की कहानी

उच्च शिक्षा लेकर संदीप शहर से गांव लौटता है, अपना बिजनेस शुरू करता है और खेती भी संभालता है। मां और बेटे के संवाद के जरिए गांव बनाम शहर की सोच पर सवाल उठता है और संस्कारों की महत्वता उभरती है।

शीला की विधवा पीड़ा और समाज का कटाक्ष

शीला के पति की मृत्यु के बाद उनके जीवन में आई “विधवा” की पीड़ा, समाज के कटाक्ष, और धैर्य के साथ बच्चों व काम में आगे बढ़ने की कहानी—जहां लेखिका सवाल करती है कि समाज में विधवाओं के लिए जगह क्यों नहीं है।

“विफल मन शापित जीवन” — जीवन के कष्टों पर कविता

“विफल मन शापित जीवन” कविता में नियति की चाल, दुविधा, स्मृतियों का भार और हँसी-आँसू के मिश्रित अनुभवों के माध्यम से जीवन के कष्टों को व्यक्त किया गया है।

नारी अस्मिता और सम्मान: कविता

नारी की अस्मिता पर प्रश्न उठाती यह कविता गाली, डर, छल-बल और तानों के जरिए होने वाले अन्याय को उजागर करती है, और नारी का मान बचाने का आह्वान करती है।

भेदभाव की गलतफहमी: मिन्टू की चिंता और सुशीला की समझ

मिन्टू अपनी माँ से बेटा-बेटी में भेदभाव को लेकर सवाल करता है। सुशीला उसे समझाती है कि कमजोर बेटे के कारण अधिक देखभाल स्वाभाविक है। फिर मिन्टू कोरोना में कमजोर लोगों के लिए चिंता जताता है और माँ उसे अपने आँचल में स्नेह से समेट लेती है।

वृद्धाश्रम तक का लंबा सफर

गरीबी से जूझकर बेटे को बैंक ऑफिसर बनाने और फिर परिवार के साथ बाकी जिंदगी के सफर की उम्मीदों के बीच निखिल की मां को वृद्धाश्रम जाने का रास्ता अचानक लंबा क्यों लगा—इस भावपूर्ण प्रसंग की कहानी।

रामनाम की महिमा: मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का विश्लेषण

इस लेख में “राम” शब्द के अर्थ, राम नाम की कल्पतरु-सम जीवनदायिनी महिमा, तुलसीदास व अन्य संतों के संदर्भ, तथा “पूर्ण ब्रह्म” के रूप में सीताराम के नाम-विग्रह का वर्णन है।

रामचरित्र पर संदेह नहीं: राम की महिमा और भक्ति

लेख में कवि/लेखक राम की अनंत महिमा का बखान करने में अपनी असमर्थता बताते हैं और बताते हैं कि रामचरित्र पर संदेह कैसे नहीं करना चाहिए। सीता परित्याग जैसी भ्रांतियों के संदर्भ में राम के चरित्र की गरिमा, धर्म-नीति और भक्ति की दृष्टि समझाई गई है।

मर्यादा पुरुषोत्तम राम: वनवास, सीता हरण, लंका विजय और दीपोत्सव

इस कविता में मर्यादा पुरुषोत्तम राम के वनवास, लक्ष्मण-सीता के साथ पंचवटी वास, सीता हरण, हनुमान व वानर सेना की लंका यात्रा, रावण-वध के बाद सीता की वापसी और चौदह वर्षों के बाद अयोध्या आगमन व दीपोत्सव की खुशियों का वर्णन है।

राम की महिमा अथाई – रामभक्ति कविता

“राम की महिमा अथाई” में राम के गुणों और रामकथा के प्रमुख प्रसंगों—मनुशतरूपा का वरदान, दशरथ, विश्वामित्र-संग राक्षस-वध, अहिल्या व सीता प्रसंग, वनवास, सीता की खोज, हनुमान-सेतु, लंका विजय, रावण वध और अवधपुरी की दिवाली—का भक्ति-आधारित गायन प्रस्तुत है।